नई दिल्ली : चैत्र मास का शुभारंभ उत्तराखंड में फूलदेही त्यौहार के साथ होता है। लोक संस्कृति को उजागर करते इस त्यौहार की महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महेंद्रा ने भी दिल खोलकर तारीफ की है। उन्होंने फूलदेही त्यौहार की तुलना अमेरिका के मशहूर हैलीबीन से करते हुए कहा है कि भारत का यह पर्व मांगने का नहीं बल्कि देने और प्रकृति से जुड़ने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा वैसे तो भारत में अनेकों त्यौहार मनाए जाते हैं किंतु कुछ त्यौहारों के बारे में जानकार ही चेहरा खिल उठता है। ऐसा ही एक त्यौहार फूलदेही उत्तराखंड में मनाया जाता है जो वहां के लोगों की तरह ही मासूम और खूबसूरत है।
आनंद महिंद्रा ने X (Twitter) पर इस उत्सव का जिक्र किया है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि हाल ही तक उन्हें इस त्यौहार के बारे में कुछ भी पता नहीं था। लेकिन इसकी जानकारी मिलने के बाद जाना कि इस दिन पहाड़ के बच्चे नजदीकी पहाड़ियों से ताजे फूल इकठ्ठा करते हैं और उन्हें घर-घर जाकर लोगों की दहलीज पर सजाते हैं। इस दौरान वे घर परिवार की खुशहाली के लिए गीत गाते हैं।
फूलदेही चम्मा देई,
देणी द्वार, भर भकार........
जिसका अर्थ होता है की घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आए। बदले में घर के लोग बच्चों को आशीर्वाद और मिठाई इत्यादि देते हैं।
महिंद्रा ने इस परंपरा की तुलना अमेरिका के हैलोवीन से की, जहां बच्चे ट्रिक और ट्रीट कहते हुए घर घर जाते हैं। लेकिन उन्होंने दोनों में एक खूबसूरत अंतर बताया हैलोवीन में बच्चे पहले कुछ मांगते हैं, जबकि फूलदेही में बच्चे पहले कुछ देते हैं।
फूलदेही में पर्यावरण से जुड़े सन्देश से प्रभावित होकर महिंद्रा ने कहा कि इस खूबसूरत बसंत उत्सव को दुनिया भर में जाना जाना चाहिए। जैसे होली भारत से निकलकर पूरी दुनिया में मशहूर हो गई वैसे ही फोल्ड़ेही भी वैश्विक पहचान पा सकता है।
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