नई दिल्ली : पुर्तगाल से भारत के लिए एक दर्दनाक खबर आई है। भारतीय मूल के शेफ अनूप सिंह (33 वर्ष) जो कि उत्तराखंड के रहने वाले थे पर कुछ लोगों ने रेस्टोरेंट में जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर सुनकर परिवार सदमे में है उन्होंने अपने बेटे के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए अंतराष्ट्रीय समाजसेवी व मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण रोशन रतूड़ी से गुहार लगाई है।
घटना 11 जनवरी 2026 की है। अनूप रावत पुर्तगाल में एक रेस्टोरेंट में शेफ के तौर पर कार्यरत थे। रात रेस्टोरेंट बंद होने के बाद वे अपने साथी कर्मचारियों के साथ थे कि तभी अफ़्रीकन मूल के तीन लोग शराब के नशे में रेस्टोरेंट में जबरन खाना खाने के लिए घुस आए। उस समय रेस्टोरेंट और किचन बंद हो चुके थे। स्टाफ़ द्वारा मना करने के बावजूद वे ज़बरदस्ती करने लगे और खाना माँगने लगे। स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए रेस्टोरेंट के सर्विस स्टाफ़ ने इंसानियत दिखाते हुए उन्हें खाना परोस दिया।
खाना खाने के बाद जब उन्हें बिल दिया गया, तो कुल बिल €45 यूरो था। उन्होंने पैसे देने से साफ़ इनकार कर दिया। विवाद खत्म करने के लिए कर्मचारियों ने डिस्काउंट देकर €35 यूरो लेने की बात कही, लेकिन उन्होंने वह भी नहीं मानी। किसी तरह उन तीनों को रेस्टोरेंट से बाहर निकाला गया। लेकिन लगभग 5 मिनट बाद, वही लोग 20–25 अन्य लोगों के साथ दोबारा रेस्टोरेंट में घुस आए। उनके हाथों में चाकू और वाइन ओपनर थे। उन्होंने रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ शुरू कर दी और कुर्सियाँ फेंकने लगे। इस दौरान कैश काउंटर पर मौजूद दो स्टाफ़ सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गए। जब शोर-शराबा बहुत बढ़ गया, तो किचन से शेफ अनूप सिंह बाहर आए और हालात को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन हमलावरों द्वारा उन पर कुर्सियाँ फेंककर हमला किया गया, जिससे उनके होंठों पर गहरी चोट आई और वे रेस्टोरेंट के फर्श पर गिर पड़े। अनूप की गंभीर हालत को देखते हुए स्टाफ ने तुरंत पुलिस को कॉल किया। पुलिस ने एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचकर अनूप सिंह को अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। लेकिन 13 जनवरी को डॉक्टरों ने कंपनी को फोन कर कहा कि अनूप सिंह की हालत कुछ ठीक नहीं है। दिमाग़ में खून जम जाने के कारण उनका मस्तिष्क ठीक से काम नहीं कर रहा है और दिमाग़ में सूजन आ गई है। जल्द से जल्द ब्रेन सर्जरी की आवश्यकता बताई गई। कंपनी सर्जरी के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन इससे पहले कि सर्जरी हो पाती, अनूप के दिमाग़ ने काम करना बंद कर गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। 20 जनवरी को शेफ अनूप सिंह जी ने जीवन की अंतिम साँस ली।
उनकी मौत से भारत और उनके पैतृक गांव में सभी लोग शोक में है। बेटे की मौत की खबर से उनके माता पिता अचेतावस्था में हैं। परिवार अब उनके पार्थिव शरीर को वतन लाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। परिवार ने इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय समाजसेवी व मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष रोशन रतूड़ी से मदद की गुहार लगाई है। रोशन रतूड़ी ने उनकी हर संभव मदद करने का आश्वाशन दिया है।

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