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उत्तराखंड : आईएएस सुरेन्द्र सिंह पांगती होंगे लौह पुरुष पंडित देवराम नौटियाल श्री नन्दा देवी राजजात सेवा सम्मान 2026 से सम्मानित

उत्तराखंड : आईएएस सुरेन्द्र सिंह पांगती होंगे लौह पुरुष पंडित देवराम नौटियाल श्री नन्दा देवी राजजात सेवा सम्मान 2026 से सम्मानित


कर्णप्रयाग : जनपद चमोली के नौटी गांव में लौह पुरुष पंडित देवराम नौटियाल स्मृति फाउंडेशन द्वार श्री नन्दा देवी हरियाली पूड़ा मेला 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 23 मार्च को होने वाले समारोह में पूर्व गढ़वाल मंडल आयुक्त आई ए एस श्री सुरेन्द्र सिंह पांगती जी को लौह पुरुष पंडित देवराम नौटियाल श्री नंदा देवी राजजात सेवा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा । फाउंडेशन द्वारा वर्ष 1999 से प्रति वर्ष यह सम्मान नन्दा देवी राजजात एवं नन्दा देवी सेवा के लिए समर्पित विभूतियों को दिया जाता है ।

श्री पांगती जी जब श्री नंदा देवी राजजात 1987 के दौरान गढ़वाल मंडल आयुक्त के पद पर कार्यरत थे तो उनके भगीरथ प्रयास से यात्रा की ढांचागत व्यवस्थाओं में उत्तर प्रदेश सरकार की पहली बार प्रत्यक्ष भागीदारी हुयी थी। और यात्रा ने हिमालयी सचल महाकुंभ का स्वरूप ग्रहण किया था।  75 वर्ष के बाद वर्ष 2000 की यात्रा में  अल्मोड़ा की मां नन्दा देवी, 2014 में मारतोली, लाता की मां नन्दा देवी यात्रा में शामिल हुयी।  

फाउंडेशन के भुवन नौटियाल ने बताया कि हिमालयी सचल महाकुम्भ श्री नन्दा देवी राजजात 2027 से पूर्व लगभग 40 वर्ष बाद श्री पांगती जी के दर्शन व मार्गदर्शन की प्रतिक्षा  नंदा भक्त बेसब्री से कर रहे हैं।  पांगती जी के साथ उत्तराखंड संस्कृति के पुरोधा डॉ डी आर पुरोहित भी समारोह में शामिल होंगे। 

श्री पांगती जी ने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सेवा संवर्ग मे शामिल होकर, गढ़वाल मण्डल के जोशीमठ (चमोली) के  परगनाधिकारी, टिहरी के जिलाधिकारी पद और दो बार गढवाल आयुक्त के पद पर अपनी सेवाएं दी। आयुक्त पद के दूसरे कार्यकाल मे रहते हुए वर्ष 1987 मे उन्हें श्री नन्दादेवी राजजात की व्यवस्था मे सहभागिता का शुभ अवसर प्राप्त हुआ था। 

वे अनेक उच्चतर पदो पर सेवा करते हुए, राजस्व परिषद के वरिष्ट प्रशासनिक अधिकारी के पद से, 31 दिसंबर 1997 को सेवानिवृत्त हुए। वे मूलतः कुमाऊं के मुनस्यारी तहसील में एक छोटे गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में सपरिवार देहरादून में निवास कर रहे हैं। 

अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने अनेकों पुस्तकें  भी लिखी है। आदिशक्ति अवतारी भगवती मां श्री नंदा देवी पर भी उनकी हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। 

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