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दिल्ली में उत्तराखंड के कमल ध्यानी की गड्ढे में गिरकर मौत मामले में सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप थलवाल ने सांसद अनिल बलूनी से की 50 लाख मुआवजा दिलाने की मांग

 

दिल्ली में कमल ध्यानी की गड्ढे में गिरकर मौत मामले में सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप थलवाल ने सांसद अनिल बलूनी से की 50 लाख मुआवजा दिलाने की मांग

नई दिल्ली :  जनकपुरी क्षेत्र में जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरकर शुक्रवार देर रात 25 साल के एचडीएफसी बैंक कर्मी कमल ध्यानी की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने लापरवाही और संवेदनहीनता की भयावह कहानी को उजागर किया है, क्योंकि हादसे के बाद कई घंटों तक किसी ने भी पुलिस को सूचित नहीं किया।

इस घटना में पुलिस ने शनिवार को एक ठेकेदार राजेश प्रजापति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि कम से कम पांच लोगों को इस घटना की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी। पुलिस ने इन सभी आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें तैयार कर उनकी खोज तेज कर दी है।

सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति को इस बात की जानकारी थी कि कमल ध्यानी की मोटरसाइकिल 4.5 मीटर गहरे जनकपुरी गड्ढे में गिर गई थी, लेकिन उसने यह जानकारी पुलिस से छिपा ली। प्रजापति पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप थलवाल ने की परिवार को मुआवजा देने की मांग

दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप थलवाल ने उत्तराखंड मूल के युवा कमल ध्यानी की दिल्ली जलबोर्ड द्वारा गहरा गड्ढा खुला छोडने की वजह से दर्दनाक हादसे में हुई मौत पर गहरा दुख जताते हुए इसे पूरी तरह से जलबोर्ड की लापरवाही बताया। उन्होंने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी जी से निवेदन  किया है कि जैसे आपने मिंटो रोड में पानी मे डूबने वाले युवा के परिजनों को केजरीवाल सरकार से मुआवजे के तौर पर दस लाख रुपए दिलवाये थे, ऐसे ही इस मामले में दिल्ली की वर्तमान सरकार से कमल ध्यानी के परिजनों को पचास लाख का मुआवजा दिलाने में अपनी भूमिका निभाएं।

इसके साथ ही उत्तराखंड के कई संगठनों ने कमल ध्यानी की दर्दनाक मौत को जलबोर्ड की लापरवाही बताया और गहरा शोक जताया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कठोर सजा मिले। उन्होंने सरकार से मृतक कमल के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

बता दें कि एचडीएफसी बैंक में टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम कैलाश पुरी के रहने वाले कमल ध्यानी जो कि मूलतः उत्तराखंड के रहने वाले थे, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी से देर रात घर लौट रहे थे, तभी वे जनकपुरी क्षेत्र में जोगिंदर सिंह मार्ग पर 2 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड की मरम्मत के काम के तहत खोदे गए गड्ढे में गिर गए थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि कमल ध्यानी लगभग 8 घंटे तक उसी गड्ढे में पड़े रहे। इस दौरान, कम से कम 5 लोगों को इस दुर्घटना की जानकारी थी, लेकिन किसी ने भी पुलिस या प्रशासन को सूचना देना आवश्यक नहीं समझा। यह देरी कमल की जिंदगी पर भारी पड़ी।


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